
देहरादून । क्रिकेट से अलग राजनीति के मैदान की एक सैन्चरी इन दिनो बेहद खास है । ये शतक लगाने वाली कोई और नही बल्कि वन ऐंड वन ओनली पार्टी है भाजपा । जी हां 1990 के बाद से राज्यसभा में 100 का आंकड़ा छूने वाली वह पहली पार्टी बन गई है।
दरसल यह जादुई आँकड़ा भाजपा तब छुआ जब हालिया राज्यसभा चुनाव में असम, त्रिपुरा और नगालैंड में उसने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है। पहली बार राज्यसभा में 101 सदस्य होने की यह उपलब्धि ऊपरी सदन में 32 साल बाद किसी पार्टी ने हासिल किया है। इन चुनावों में छह राज्यों की 13 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव हुए। इसमें असम में 2 सीट, हिमाचल प्रदेश में 1, केरल में 3, नगालैंड में 1, त्रिपुरा में 1 और पंजाब की 5 सीटें शामिल हैं। भाजपा ने पंजाब से अपनी एक सीट खो दी, लेकिन नॉर्थ-ईस्ट के तीन राज्यों और हिमाचल प्रदेश से एक-एक सीट पर जीत हासिल की। इसके साथ ही भाजपा के नेतृत्व वाले NDA के पास अब राज्यसभा में 117 सदस्य हो गये हैं। लिहाजा
राज्यसभा में कुल 245 सदस्य के अनुपात में बहुमत का आंकड़ा होता है 123। धीरे-धीरे बहुमत की ओर बढ़ रहा भाजपा का यह सफर 2014 में राज्यसभा में 55 सीटों पर था ।
इससे पूर्व साल 1988 में राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी के सदस्यों की संख्या 108 थी जो उत्तरोत्तर कम होती जा रही है । हालांकि भाजपा के लिये भी आने वाले चुनावों चुनौती बढ्ने वाली हैं क्युंकि लगभग 52 और सीटों के लिए जल्द ही कई राज्यों में मतदान होगा। जिसमें आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड जैसे राज्यों में विपक्ष मजबूत स्थिति में है । लेकिन उसके बाद एक बार फिर उच्च सदन मे भाजपा का रुतबा बढ़ना तय है जो देश की राजनीति में कॉंग्रेस के उपरांत लम्बे वैक्यूम के बाद भाजपा युग की तस्दीक करेगा ।